डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज जलियांवाला बाग के वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंन कहा कि उनका बलिदान हमारे लोगों के अडिग साहस की एक सशक्त याद दिलाता है।
प्रधानमंत्री ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया, जिसमें समाज में परोपकारी शक्तियों के पोषण का आह्वान किया गया है, जो राष्ट्र को समृद्ध, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाती हैं, साथ ही विभाजन, अन्याय और असंतोष उत्पन्न करने वाली विनाशकारी शक्तियों का दृढ़ता से प्रतिरोध करने का संदेश दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा:
“आज के दिन हम जलियांवाला बाग के वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनका बलिदान हमारे लोगों के अडिग साहस की एक सशक्त याद दिलाता है। उनके द्वारा प्रदर्शित किया गया साहस और दृढ़ संकल्प पीढ़ियों को स्वतंत्रता, न्याय और गरिमा के मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता रहता है।”
“जलियांवाला बाग नरसंहार के सभी अमर बलिदानियों को मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। विदेशी हुकूमत की बर्बरता के खिलाफ उनके अदम्य साहस और स्वाभिमान की गाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।
इन्द्रं वर्धन्तो अप्तुरः कृण्वन्तो विश्वमार्यम्।
अपघ्नन्तो अराव्णः॥”
हे परिश्रमी लोगों! अपने समाज में उन परोपकारी शक्तियों का पोषण करें, जो राष्ट्र को समृद्ध, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाती हैं। साथ ही, उन विनाशकारी शक्तियों का दृढ़ता से प्रतिरोध करें, जो समाज में विभाजन, अन्याय और असंतोष उत्पन्न करती हैं।
