मैनपुरी। जनपद मैनपुरी विगत 09 वर्षों से राज्य सरकार की प्राथमिकता में रहा है। इसी के चलते यहां चौमुखी विकास के साथ बुनियादी सुविधाओं का सृजन तथा शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक सड़कों का जाल बिछाया गया है। मैनपुरी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भूमि होने के साथ ही अनेक प्राचीन धार्मिक स्थल तथा प्राचीन विरासत को समेटे हुए है। इसी क्रम में मैनपुरी को नई पहचान देने के लिए 63 करोड़ रूपये की लागत से यहां एक भव्य सांस्कृतिक केन्द्र विकसित किया जा रहा है। जनपद मैनपुरी अब विकास के मामले में प्रदेश के अग्रणी जनपदों की श्रेणी में स्थापित हो चुका है।
यह जानकारी आज यहां मैनपुरी सदर से विधायक एवं पर्यटन तथा संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि प्राचीनकाल में यहां चौहान वंश के शासक महाराजा तेज सिंह जूदेव का शासन था। उन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती दी थी। उन्होंने बताया कि मैनपुरी में निर्माणाधीन सांस्कृतिक केन्द्र के लिए 25544 वर्गमी0 भूमि आवंटित की गयी है जो तेज सिंह किले के पास स्थित है। इस केन्द्र में कई बुनियादी सुविधायें विकसित की जा रही है। जिसमें संग्रहालय, प्रदर्शनी क्षेत्र, खुला रंगमंच, पुस्तकालय, छात्रावास और कैफेटेरिया शामिल है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि विभिन्न आयोजनों के लिए 800 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक सभागार निर्मित किया जा रहा है। शहर की कला, प्राचीन मूर्तियां एवं शिल्प को प्रदर्शित करने के लिए विशेष गैलरी भी तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह सांस्कृतिक केन्द्र हमारी समृद्ध विरासत और गौरवशाली इतिहास को नई पहचान देगा। इसके साथ ही हमारा प्रयास है कि यह कला, संस्कृति और परम्पराओं का जीवंत केन्द्र बने। जहां पर स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिल सके।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि मैनपुरी का यह सांस्कृतिक केंद्र हमारी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। राज्य सरकार का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को अपनी जड़ों और समृद्ध इतिहास से जोड़ते हुए उनमें सांस्कृतिक चेतना और गौरव की भावना को सशक्त करना है।
