- वजीर हसन रोड पर वर्ष 1988 में निर्मित मल्टीस्टोरी भवनों को नयी नीति के तहत किया जाएगा पुनर्विकसित
- एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 के तहत प्रस्ताव तैयार करने के दिये निर्देश
- पेपर मिल कालोनी व कानपुर रोड, सेक्टर-जी मेें बने भवनों के लिए भी लाया जाएगा प्रस्ताव
लखनऊ। लखनऊ में दशकों पहले विकसित आवासीय योजनाओं का स्वरूप बदलेगा। जहां सीमित सुविधाओं के बीच सिर्फ जी प्लस थ्री स्ट्रक्चर के भवन बने हैं, वहां अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस गगनचुंबी इमारतें बनेंगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अपनी पुरानी आवासीय योजनाओं के री-डेवलपमेंट की दिशा में काम शुरू कर दिया है।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस सम्बंध में आदेश जारी करते हुए अधिकारियों को विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये हैं। प्रथम चरण में वजीर हसन रोड, पेपर मिल कालोनी व कानपुर रोड योजना, सेक्टर-जी में वर्षों पहले निर्मित मल्टीस्टोरी भवनों को री-डेवलप करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि शासन ने हाल ही में उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 लागू की है। जिसमें शहरी क्षेत्र में री-डेवलमेंट से विकास व सुविधाओं को उच्चीकृत करने को लेकर बल दिया गया है। उन्होंने बताया कि हजरतगंज में वजीर हसन रोड पर वर्ष 1988 में प्राधिकरण द्वारा मल्टीस्टोरी भवनों का निर्माण कराया गया था। योजना में जी प्लस थ्री स्ट्रक्चर के 04 टावर बने हैं, जिनमें कुल 64 फ्लैट्स हैं। योजना का प्रारंभिक सर्वे कराया गया, जिसमें पता चला कि 60 फ्लैटों की रजिस्ट्री हो गयी है। 03 फ्लैटों की रजिस्ट्री आवंटियों के स्तर से लंबित है, जबकि 01 फ्लैट अनावंटित है।
जर्जर हो चुके भवनों में अवैध कब्जा
लगभग चार दशक पहले बने इन भवनों की स्थिति जर्जर है और योजना में नियोजित पार्क व पार्किंग क्षेत्र में अनाधिकृत कब्जा है। कई फ्लैटों में मूल आवंटी के स्थान पर अनाधिकृत लोग काबिज हैं। वर्तमान परिवेष में देखे तो यह योजना काफी प्राइम लोकेशन पर है। री-डेवलपमेंट नीति के तहत यहां बहुमंजिला अपार्टमेंट बनने से ज्यादा से ज्यादा लोगों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही पुराने आवंटियों को पुनर्विकसित भवनों में समायोजित किया जाएगा, जिससे उन्हें भी आधुनिक सुविधाओं से लैस नवीन व सुरक्षित भवनों में रहने का लाभ मिलेगा।
कानपुर रोड योजना के लिए भी प्रस्ताव
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि कानपुर रोड योजना के सेक्टर-जी में वर्ष 1990 में लगभग 01 हजार डबल स्टोरी भवन निर्मित किये गये थे। इनमें से अधिकांश भवनों में अनाधिकृत लोग अध्यासित हैं। इस योजना के पुनर्विकास के लिए भी प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा। इसी तरह पेपर मिल कालोनी में स्थित पुराने भवनों का सर्वे व परीक्षण कराने के बाद प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा।
