लखनऊ। भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ के परियोजना निदेशक प्रो. प्रियंका शर्मा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम – डॉ. आर.के. जायसवाल, रज्जन बाबू मिश्रा एवं आयुष मिश्रा द्वारा जनपद लखनऊ के विकास खंड माल अंतर्गत ग्राम पंचायत अटारी का निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण जल जीवन मिशन के प्रभाव के आकलन के उद्देश्य से किया गया। अध्ययन का मुख्य उद्देश्य समुदाय की प्रतिक्रिया प्राप्त करना, क्रियान्वयन में आई चुनौतियों की पहचान करना तथा मिशन के माध्यम से ग्रामीणों के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार एवं जीवन स्तर में आए सकारात्मक परिवर्तनों का मूल्यांकन करना है। 27 फरवरी, 2026 को डीपीएमयू टीम की उपस्थिति में ग्राम पंचायत अटारी में ग्रामीण पाइप पेयजल योजना के पूर्ण होने के उपरांत उसके प्रभाव का स्थलीय आकलन किया गया। निरीक्षण के दौरान आईआईएम की संयुक्त टीम ने ग्राम जल संस्था समिति एवं स्वच्छता समिति की अध्यक्ष/ग्राम प्रधान श्रीमती संयोगता सिंह चौहान, समिति के सदस्यों तथा ग्रामवासियों-ऊधन, पल्लू, पाल जी, अंकित एवं शुभम से संवाद स्थापित किया। इस अवसर पर डॉ. हरपाल सिंह, कोऑर्डिनेटर, जल जीवन मिशन लखनऊ एवं उनकी डीपीएमयू टीम भी उपस्थित रही।
ग्राम जल संस्था समिति की अध्यक्ष द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ग्राम की कुल आबादी 2308 है। आगामी 30 वर्षों में अनुमानित 18 प्रतिशत जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखते हुए तथा प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर जल खपत के मानक के अनुसार 175 केएल क्षमता की पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है। यह टंकी सोलर ऊर्जा से संचालित है, जिससे ऊर्जा की बचत के साथ-साथ ग्राम को आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो रहा है। साथ ही 24 घंटे निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित हो रही है तथा पर्यावरण पर भी कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ रहा है। टंकी के लिए लगभग 600 फीट गहराई तक बोरिंग कर शुद्ध, स्वच्छ एवं स्वादिष्ट पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सामाजिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में इंडिया मार्क हैंडपंपों पर पानी भरने हेतु भीड़ लगी रहती थी, जिससे समय की काफी बर्बादी होती थी। अब घर-घर नल से जल उपलब्ध होने के कारण यह समस्या समाप्त हो गई है। स्कूली बच्चों ने नियमित रूप से स्नान कर समय से विद्यालय जाना प्रारंभ किया है, जिससे स्वच्छता और अनुशासन में सुधार देखा गया है। जलजनित रोगों में भी कमी आई है और समग्र रूप से ग्राम के सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी मानकों में उल्लेखनीय सुधार परिलक्षित हो रहा है। अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार त्रिपाठी द्वारा बताया गया कि इस ग्राम पंचायत में विगत एक वर्ष से अधिक समय से नियमित एवं सुचारू रूप से स्वच्छ तथा क्लोरीनेटेड पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। यह सोशल ऑडिट एवं प्रभाव मूल्यांकन प्रक्रिया ग्रामीण विकास, पारदर्शिता और जनसहभागिता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भविष्य में योजनाओं के और अधिक प्रभावी क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त होगा।
