लखनऊ। प्रदेश सरकार के नौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सात दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा “स्वास्थ्य संगोष्ठी” आयोजित की गई तथा विश्व क्षय रोग दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश टीबी मुक्त भारत के संकल्प को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रदेश सरकार पिछले नौ वर्षों में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र में प्रदेश ने प्रगति की है और अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लोगों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसके माध्यम से वे इम्पैनल्ड अस्पतालों में विभिन्न बीमारियों का उपचार करा सकते हैं। साथ ही मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से भी जरूरतमंद व्यक्तियों के इलाज में सहायता दी जाती है।
विधान परिषद सदस्य ने कहा कि ग्राम प्रधानों की सक्रियता के कारण ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो रही हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाएं और अपनी ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि जब सरकार के साथ समाज भी खड़ा होता है, तभी कोई अभियान जनआंदोलन का रूप लेता है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. सी.एम. सिंह ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं, उन्हें निरंतर जारी रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सहभागिता के बिना कोई भी जनस्वास्थ्य कार्यक्रम सफल नहीं हो सकता। लोगों में नियमित दवा सेवन के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है, क्योंकि दवा का नियमित सेवन न होने पर सामान्य टीबी एमडीआर-टीबी का रूप ले सकती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह ने कहा कि जनपद ने स्वास्थ्य क्षेत्र में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं और कई चुनौतियों का भी सामना किया है। उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे मातृ स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य और गैर-संचारी रोगों से संबंधित स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं को लाभार्थियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। साथ ही वीएचएनडी सत्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को अधिक क्रियाशील बनाने तथा आयुष्मान कार्ड बनवाने में सहयोग करें। उन्होंने बताया कि जनपद में 15 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए जाने हैं, जिनमें से अब तक साढ़े आठ लाख कार्ड बन चुके हैं।
केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के चिकित्सक प्रो. राजीव गर्ग ने टीबी की रोकथाम और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं, पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. आर.ए.एस. कुशवाहा ने टीबी मुक्त अभियान में ग्राम पंचायतों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. ए.के. सिंघल ने कहा कि टीबी किसी भी आयु वर्ग और किसी भी वर्ग के व्यक्ति को हो सकती है, लेकिन यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो जाती है। उन्होंने कहा कि टीबी को लेकर समाज में कई भ्रांतियां हैं, जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है। टीबी मुक्त जनपद और टीबी मुक्त देश के लिए जनजागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने जनपद में संचालित राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी भी दी।
इस अवसर पर टीबी मुक्त घोषित 65 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया गया। जिन ग्राम पंचायतों में लगातार तीन कैलेंडर वर्षों से कोई टीबी मरीज नहीं मिला, उन्हें गोल्ड; जहां दो वर्षों से कोई टीबी मरीज नहीं मिला, उन्हें सिल्वर; तथा जहां एक वर्ष से कोई टीबी मरीज नहीं मिला, उन्हें ब्रॉन्ज प्रतिमा और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में छह लाभार्थियों — सतीश चंद्र गुप्ता, शुभम कुमार, किरण वर्मा, अनुज, रीता सिंह और सरिता सोनकर — को आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए गए। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. ए.के. सिंघल, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय मिश्रा, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सतीश यादव, स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी, एनटीईपी के सदस्य, मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राएं तथा सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफॉर) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
यह ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त –
स्वर्ण स्मृति चिन्ह से सम्मानित –बक्शी का तालाब ब्लॉक की डिगोई ग्राम पंचायत |
रजत स्मृति चिन्ह से सम्मानित ग्राम पंचायत-
बक्शी का तालाब ब्लॉक की बाहरगांव, कौड़ियामऊ,हरधौरपुर,कपासी, मिसिरपुर, मोहम्मदपुर गढ़ी, पालपुर, पारा, सीवाँ,सुभान नगर अरिगवां, रजौली, राजपुर सलेमपुर ग्राम पंचायत |
काकोरी ब्लॉक की जगतपुर ग्राम पंचायत |
मलिहाबाद ब्लॉक की हतौली ग्राम पंचायत |
सरोजिनी नगर ब्लॉक की चार ग्राम पंचायत – पहाड़पुर, तेरवा, बेंती, परवर पूरब |
कांस्य स्मृति चिन्ह से सम्मानित ग्राम पंचायतें –
बक्शी का तालाब ब्लॉक की अस्ती,चक पृथ्वीपुर, चन्दा कोडर, दरियापुर, हनुमंतपुर, जमखनवा, करौंदी, खेसरावन, किशुनपुर, मंडौली, मानपुर लाला, सोनवाँ, परसऊ ग्राम पंचायत |
चिनहट ब्लॉक की – धतींगरा, बोरुमऊ,धोबेला ग्राम पंचायत |
गोसाईंगंज ब्लॉक की दो – भट्टी बरकत नगर, घुर सारा |
काकोरी ब्लॉक की – बंशी गढ़ी, गहलवारा, कुसुमी, और गोहरामऊ |
मलिहाबाद ब्लॉक की – हमिरापुर, मोहम्मदनगर रहमत नगर, भदेसरमऊ ग्राम पंचायत |
माल ब्लॉक की – हसनपुर और सरथरा |
मोहनलालगंज ब्लॉक की – दहियर, देवती, गोविंदपुर, पारसपुर ठट्ठा, पेरहटा, तमोरिया मदारपुर, बधौना,देधारी, हसनपुर कनेरी, रघुनाथ खेड़ा, रतनपुर ग्राम पंचायत |
सरोजिनीनगर ब्लॉक की – शाहमोहम्मदपुर अपैया, अंधपुर देव, खटोला, मेमोरा, गोदौली, लतीफ़नगर और रहीमनगर पढ़ियाना |
