TN

TotaRam News

What's Hot

पेट की चर्बी सबसे बड़ा स्वास्थ्य खतरा: डॉ. जितेंद्र सिंह

Table of Content

डेस्क। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, केन्द्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज यहां कहा कि पूरे मोटापे की तुलना में पेट या शरीर के मध्य मोटापा एक बड़ा जोखिम है, विशेष रूप से भारतीय संदर्भ में जहां दुबले-पतले दिखने वाले व्यक्तियों में भी अक्सर काफी मात्रा में आंतरिक वसा पाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शरीर के मध्य मोटापा अपने आप में मोटापे से अलग एक जोखिम है।
यहां एक समारोह में “एडवांसेज इन ओबेसिटी एंड लिपिड मैनेजमेंट इन सीवीडी” नामक कार्डियोलॉजी की एक व्यापक पाठ्यपुस्तक का विमोचन करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि शरीर के मध्य मोटापा, यहां तक कि देखने में सामान्य दिखने वाले व्यक्तियों में भी, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, फैटी लिवर, डिस्लिपिडेमिया आदि सहित कई चयापचय संबंधी विकारों का कारण बन सकता है।
भारतीय शारीरिक संरचना की विशिष्टता का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि यद्यपि पुरुषों और महिलाओं दोनों में मोटापा बढ़ रहा है, फिर भी पेट के मोटापे की व्यापकता कहीं अधिक है और यह हृदय संबंधी रोगों के जोखिम का एक अलग कारण है। पेट के आसपास आंतरिक वसा की उपस्थिति, सामान्य मोटापे के बिना भी, महत्वपूर्ण नैदानिक निहितार्थ रखती है और इसके लिए शीघ्र पहचान और लक्षित उपचार की आवश्यकता होती है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस प्रकाशन को सामयिक और प्रासंगिक बताते हुए कहा कि यह पुस्तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के अनुसार मोटापे की बढ़ती समस्या से निपटने की राष्ट्रीय प्राथमिकता के अनुरूप है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन जागरूकता बढ़ाने और जीवनशैली में बदलाव लाने का आह्वान किया है। इसमें तेल और अस्वास्थ्यकर आहार का सेवन कम करना शामिल है। यह पहल “विकसित भारत, स्वस्थ भारत और मोटापा मुक्त भारत” के व्यापक दृष्टिकोण से मेल खाती है।
विकसित हो रही नैदानिक समझ के बारे में बोलते हुए, मंत्री ने पेट की चर्बी और फैटी लिवर रोग, इंसुलिन प्रतिरोध और कम उम्र में होने वाली हृदय संबंधी जटिलताओं के बीच संबंध स्थापित करने वाले बढ़ते प्रमाणों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि युवा आबादी में टाइप-2 मधुमेह और हृदय संबंधी घटनाओं सहित चयापचय संबंधी विकारों की बढ़ती घटनाएं जीवनशैली के बदलते स्वरूप, खान-पान की आदतों और शारीरिक संतुलन में कमी को दर्शाती हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने संतुलित स्वास्थ्य प्रथाओं के महत्व पर भी प्रकाश डाला और बताया कि फिटनेस के लिए अत्यधिक या अवैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिसमें पर्याप्त तैयारी या आराम के बिना अत्यधिक परिश्रम करना शामिल है, स्वास्थ्य के लिए जोखिम उत्पन्न कर सकता है। उन्होंने निरंतर जीवनशैली अनुशासन, पर्याप्त नींद और वैज्ञानिक रूप से निर्देशित निवारक देखभाल पर जोर दिया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने ‘हृदय रोग में मोटापा और लिपिड प्रबंधन’ पर एक व्यापक पाठ्यपुस्तक का विमोचन किया


प्रख्यात हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. एच.के. चोपड़ा द्वारा संपादित यह पाठ्यपुस्तक भारत और विदेश के 300 से अधिक योगदानकर्ताओं के नवीनतम विचारों को एक साथ लाती है। यह पारंपरिक जोखिम आधारित प्रबंधन से हटकर सटीक रोकथाम की ओर एक बदलाव का प्रतिनिधित्व करती है। इसमें चयापचय संबंधी उपचार, लिपिड प्रबंधन, डिजिटल स्वास्थ्य और एआई-सक्षम नैदानिक निर्णय प्रणालियों में हुई प्रगति को एक किया गया है।
इस प्रकाशन में सेमाग्लूटाइड और तिरज़ेपाटाइड जैसे जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट सहित उभरती हुई चिकित्सा पद्धतियों के साथ-साथ स्टेटिन, एज़ेटिमिब, बेम्पेडोइक एसिड, पीसीके9 अवरोधक, इन्क्लिसिरन, एफेरेसिस और जीन-आधारित उपायों जैसी लिपिड कम करने की रणनीतियों का व्यापक रूप से वर्णन किया गया है। इस प्रगति से हृदय संबंधी परिणामों में उल्लेखनीय सुधार और रोग की समस्या कम होने की उम्मीद है।
पुस्तक की प्रस्तावना में, डॉ. जितेंद्र सिंह ने मोटापा और डिसलिपिडेमिया को प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बताया है। इससे भारत और विश्व स्तर पर हृदय संबंधी बीमारियां और मृत्यु दर बढ़ रही है। उन्होंने इन चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जागरूकता बढ़ाने, निवारक रणनीतियों और साक्ष्य-आधारित नैदानिक प्रथाओं की आवश्यकता पर बल दिया है।
भारत में 2050 तक मोटापे के प्रसार में तीव्र वृद्धि का संकेत देने वाले अनुमानों का हवाला देते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने दीर्घकालिक स्वास्थ्य और आर्थिक जोखिमों को कम करने के लिए जागरूकता बढ़ाने, प्रारंभिक जांच और निवारक स्वास्थ्य देखभाल उपायों को मजबूत करने का आह्वान किया। इस पुस्तक में 23 खंड और 172 अध्याय हैं, जो शोध और रोगी देखभाल के बीच की खाई को पाटने वाला एक व्यापक, साक्ष्य-आधारित नैदानिक संसाधन प्रदान करते हैं। इससे क्षमता निर्माण, नैदानिक उत्कृष्टता और बेहतर रोगी परिणामों में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है। डॉ. जितेंद् सिंह ने डॉ. एच.के. चोपड़ा और संपादकीय टीम को उनके अकादमिक नेतृत्व और वैश्विक विशेषज्ञता को एक प्रामाणिक ग्रंथ में संकलित करने में उनके योगदान के लिए सराहना व्यक्त की। इस अवसर पर डॉ. विवेका कुमार, डॉ. प्रवीण चंद्र, डॉ. जेपीएस साहनी, डॉ. मोना भाटिया, डॉ. अनु ग्रोवर, श्रीकांत भाटिया और आनंद कुमार सहित प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञ और योगदानकर्ता उपस्थित थे।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

‘मन की बात’ से देशवासियों में नई ऊर्जा, विश्वास और एकजुटता का संचार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को लखनऊ स्थित कैम्प कार्यालय पर जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा संबोधित लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुना। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों के लिए प्रेरणा, मार्गदर्शन एवं...

पेट की चर्बी सबसे बड़ा स्वास्थ्य खतरा: डॉ. जितेंद्र सिंह

डेस्क। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, केन्द्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज यहां कहा कि पूरे मोटापे की तुलना में पेट या शरीर के मध्य मोटापा एक बड़ा जोखिम है, विशेष रूप से भारतीय...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात में गूंजा यूपी का मॉडल

लखनऊ। पर्यावरण संरक्षण एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश की पहल को देशभर में नई पहचान मिली है। मा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ में उत्तर प्रदेश की दो उल्लेखनीय पहलों—वाराणसी के ऐतिहासिक वृक्षारोपण अभियान एवं मेरठ में सौर ऊर्जा के सफल मॉडल—का विशेष उल्लेख...

लखनऊ में मंत्री ए के शर्मा की सख्त समीक्षा बैठक

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने आज रविवार को संगम सभागार, लखनऊ में विभागीय अधिकारियों के साथ स्वीकृत विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन एवं विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट और सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिन अधिशासी अधिकारियों (EO) एवं परियोजना अधिकारियों (पीओ, डूडा) द्वारा स्वीकृत योजनाओं...

जेवर एयरपोर्ट से ‘विकसित भारत–UP’ को रफ्तार

लखनऊ। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों द्वारा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जेवर के प्रथम चरण का लोकार्पण ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह विश्वस्तरीय हवाई अड्डा वैश्विक संपर्क को नई ऊर्जा प्रदान करते हुए व्यापार, निवेश एवं रोजगार के व्यापक अवसरों का...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.