डेस्क। हिंदी सिनेमा के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहे जाने वाले आमिर खान आज अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं। बॉलीवुड में उनकी पहचान सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेता के तौर पर ही नहीं, बल्कि ऐसे कलाकार के रूप में भी है जो हर फिल्म के लिए खुद को पूरी तरह बदल देते हैं। किरदार की तैयारी से लेकर फिल्म की प्रमोशन रणनीति तक, आमिर हर चीज़ में अलग सोच रखते हैं। बतौर हीरो आमिर खान की पहली फिल्म कयामत से कयामत तक थी, जिसने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की। हालांकि करियर की शुरुआत में आमिर ने भी उस दौर के अन्य सितारों की तरह एक साथ कई फिल्में साइन कर ली थीं, लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास हुआ कि यह फैसला सही नहीं था। इसके बाद उन्होंने फिल्मों के चयन में सावधानी बरतनी शुरू की और सिर्फ मजबूत कहानियों वाली फिल्मों को ही चुनना शुरू किया।
बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में आमिर खान को करीब चार दशक हो चुके हैं। उन्होंने सलमान खान और शाहरुख खान से भी पहले अपने करियर की शुरुआत कर ली थी। 70 के दशक में धर्मेंद्र की फिल्म यादों की बारात से उन्होंने चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर फिल्मों में कदम रखा था। अपने करियर में आमिर खान ने हमेशा अलग और दमदार कहानियों को चुना। लगान ने भारतीय सिनेमा को ऑस्कर तक पहुंचाया, तारे ज़मीन पर ने बच्चों की भावनाओं को समझने का संदेश दिया और दंगल ने मेहनत और हौसले की मिसाल पूरी दुनिया के सामने रखी। यही वजह है कि आमिर खान की फिल्में सिर्फ हिट नहीं होतीं, बल्कि इतिहास भी रचती हैं।
