LDA ने जारी किया था ध्वस्तीकरण आदेश, बिल्डर ने स्वयं तोड़ना शुरू किया अवैध निर्माण
लखनऊ। अलीगंज के सेक्टर-डी में भूखण्ड संख्या-एम0एस0-102 पर निर्मित जिस भवन में अग्निकांड हुआ था, सोमवार को उसके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गयी। लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा जारी ध्वस्तीकरण आदेश के अंतर्गत बिल्डर ने स्वयं ही अवैध निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि वीरेन्द्र शुक्ला, सुरेन्द्र शुक्ला व अन्य द्वारा अलीगंज के सेक्टर-डी में भूखण्ड संख्या-एम0एस0-102 पर अवैध रूप से व्यावसायिक भवन का निर्माण कराया गया था। जिसके विरूद्ध विहित प्राधिकारी द्वारा 23 जून को उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम की धारा-27(1) के अंतर्गत नोटिस जारी किया गया था। इसमें विपक्षी को स्थल पर किये गये निर्माण कार्य की वैद्यता के सम्बंध में 15 दिन के अंदर साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये थे।
7 जुलाई को विहित प्राधिकारी न्यायालय में प्रकरण की पहली सुनवायी की गयी। जिसमें विपक्षी के अधिवक्ता की अपील पर आपत्ति दर्ज करने के लिए एक दिन का समय दिया गया। विपक्षी के अधिवक्ता द्वारा 8 जुलाई को न्यायालय के समक्ष आपत्ति दर्ज करायी गयी। उक्त आपत्ति पर प्रवर्तन जोन-4 द्वारा जवाब दाखिल किया गया। 9 जुलाई को विहित प्राधिकारी न्यायालय द्वारा प्रकरण की सुनवायी करते हुए समस्त तथ्यों का परीक्षण किया गया।
अवैध निर्माण पर LDA सख्त, 25 जुलाई के बाद होगी जांच
सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि 10 जुलाई को विहित प्राधिकारी न्यायालय द्वारा व्यावसायिक निर्माण कार्य को अवैध घोषित करते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश पारित किये गये। इसके अंतर्गत विपक्षी को स्वयं अपना अवैध निर्माण हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है, जिसकी मियाद 25 जुलाई, 2026 को पूरी होगी। इससे पहले ही सोमवार को विपक्षी की तरफ से अवैध स्ट्रक्चर को तोड़ने का कार्य शुरू करा दिया गया। इसकी सूचना पर प्रवर्तन जोन-4 के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार ने टीम के साथ स्थल का निरीक्षण किया।
जोनल अधिकारी ने बताया कि स्थल पर उपस्थित विपक्षी के प्रतिनिधियों को बरसात के मौसम के दृष्टिगत स्थल पर समस्त सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये गये हैं। लापरवाही से किसी भी तरह की दुर्घटना होने पर समस्त जिम्मेदारी विपक्षी की होगी। इस सम्बंध में पत्र भी जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि नोटिस के मुताबिक 25 जुलाई, 2026 को समय अवधि पूरी होने के उपरांत स्थल पर जांच की जाएगी। ध्वस्तीकरण आदेश का अनुपालन न पाये जाने पर प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
