पर्याप्त वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करें
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने पशुधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि 15 जुलाई, 2026 तक चलने वाले एचएस (गलाघोटू) वैक्सीनेशन प्रोग्राम की समीक्षा एवं अनुश्रवण मौके पर जाकर करें। साथ ही साथ आगामी 22 जुलाई से चलने वाले एफएमडी टीकाकरण अभियान की माइक्रोप्लानिंग कर समीक्षा करें। इसके अतिरिक्त कोल्ड चेन एवं अन्य लाजिस्टिक सपोर्ट की सुविधाओं की समीक्षा करते हुए सघन और प्रभावी टीकाकरण संपादित कराया जाए। वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पशुपालकों से सीधे संवाद स्थापित कर अधिक से अधिक पशुओं का टीकाकरण कराया जाए। बरसात के दृष्टिगत हरे चारे की बुवाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
गलघोटू और FMD रोकथाम के लिए माइक्रोप्लान तैयार
धर्मपाल सिंह ने आज यहां विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में पशुओं के संक्रामक रोगों से बचाव के संबंध में संचालित अभियान के कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान पशुपालन विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर पशुओं की स्वास्थ्य जांच करें, संक्रामक रोगों के लक्षणों की पहचान करें तथा गलघोटू एवं एफएमडी के विरुद्ध शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करें। पशुओं में फैलने वाले संक्रामक रोग हेमोरेजिक सेप्टीसीमिया (एचएस/गलघोटू) तथा खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) की प्रभावी रोकथाम के लिए माइक्रो प्लान तैयार कर प्रत्येक गांव तक पहुंच सुनिश्चित की जाए। बाजारों, पशु हाटों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक प्रचार-प्रसार कर पशुपालकों को रोगों की रोकथाम, जैव सुरक्षा (बायो सिक्योरिटी) उपायों और समय पर टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए।
पशुधन मंत्री ने कहा कि हेमोरेजिक सेप्टीसीमिया (गलघोटू) एक अत्यंत संक्रामक जीवाणुजनित रोग है, जो मुख्य रूप से गाय एवं भैंस को प्रभावित करता है और समय पर उपचार न मिलने पर पशुओं की मृत्यु का कारण बन सकता है। वहीं खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) एक विषाणुजनित रोग है, जो गाय, भैंस, बकरी, भेड़, सूअर सहित अन्य द्विखुरी पशुओं को प्रभावित कर भारी आर्थिक क्षति पहुंचाता है। इन रोगों की रोकथाम के लिए समय पर टीकाकरण, सतत निगरानी एवं जैव सुरक्षा उपायों का पालन अत्यंत आवश्यक है।
पशुपालकों के लिए हेल्पलाइन 1800-180-5141 जारी
धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के दौरान टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5141 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि पशुपालक किसी भी संक्रामक रोग की सूचना तुरंत विभाग को दे सकें और समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पशुधन के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा इस विशेष अभियान के माध्यम से पशुओं को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखते हुए पशुपालकों की आय एवं पशुधन संपदा की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के सभी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अपने जनपदों के दूरस्थ गांवों तक जाकर पशुधन का टीकाकरण सुनिश्चित करें। वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता और कोल्ड चेन पर विशेष ध्यान रखा जाए। किसानों और पशुपालकों को पशुओं के टीकाकरण के लिए विशेष रूप से जागरूक किया जाए। बैठक में पशुधन विभाग के विशेष सचिव देवेन्द्र पाण्डेय, निदेशक, रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र, डॉ राजेंद्र सिंह, डॉ संगीता तिवारी, पशुधन विकास परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ पी के सिंह सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
