24 जिलों के देवी मंदिरों में होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग द्वारा शारदीय नवरात्रि में देवी आराधना के साथ स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा को मंच देने और महिला कलाकारों को आगे बढ़ाने की पहल की गई है। मिशन शक्ति के तहत 17 से 19 अक्टूबर तक प्रदेश के 24 जिलों के 26 प्रमुख देवी मंदिरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इनमें पारंपरिक देवी गीतों का गायन और दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाएगा। प्रत्येक मंदिर में तीन स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देंगे। इस तरह कुल 78 कलाकारों को अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा। इनमें महिला कलाकारों की संख्या अधिक रहेगी, जिससे उन्हें पहचान बनाने और अपनी आजीविका को मजबूती देने का अवसर प्राप्त होगा।
देवी आराधना के साथ महिला सशक्तीकरण का संदेश
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इन कार्यक्रमों के लिए प्रमुख 26 देवी मंदिरों का चयन किया गया है। लखनऊ के चंद्रिका देवी और संकटा देवी मंदिर में तीन-तीन, जबकि प्रयागराज के अलोपी देवी और ललिता देवी मंदिर में भी तीन-तीन स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देंगे। इस तरह लखनऊ और प्रयागराज के चार मंदिरों में कुल 12 कलाकारों को अवसर मिलेगा। बाकी 22 मंदिरों में तीन-तीन कलाकार कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने बताया हमारा प्रयास है कि नवरात्रि के पावन अवसर पर महिला कलाकारों को सम्मान और स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ आजीविका मजबूत करने का अवसर मिले।

अन्य चयनित स्थलों में मिर्जापुर का मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर, सोनभद्र का ज्वाला देवी मंदिर, भदोही का सीता समाहित स्थल, कौशांबी का कदवासिनी मंदिर, बलरामपुर का देवीपाटन मंदिर, सीतापुर के नैमिषारण्य स्थित ललिता देवी मंदिर और सहारनपुर का शाकंभरी देवी मंदिर शामिल हैं। इसके अलावा मथुरा के कात्यायनी देवी मंदिर, जौनपुर के मां शीतला चौकिया धाम, प्रतापगढ़ के बेल्हा देवी मंदिर, वाराणसी के विशालाक्षी देवी मंदिर और उन्नाव के चंडिका देवी मंदिर में भी कार्यक्रम होंगे।
इसी क्रम में औरैया के देवकाली मंदिर, गोरखपुर के मां तरकुलहा देवी धाम, मऊ के मां शीतला माता स्थल, चित्रकूट के शिवानी देवी मंदिर, हमीरपुर के गायत्री शक्ति पीठ, जालौन के कोंच स्थित बैरागढ़ माता मंदिर, कानपुर देहात के घाटमपुर स्थित कुष्मांडा देवी मंदिर, मैनपुरी के शीतला माता मंदिर, फिरोजाबाद के चामुंडा माता मंदिर और फर्रुखाबाद के गुरुग्राम देवी मंदिर में भी स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इन आयोजनों में पारंपरिक देवी गायन और दुर्गा सप्तशती पाठ प्रमुख आकर्षण होंगे।

आस्था के पर्व नवरात्रि से खुलेगा महिलाओं एवं स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा और रोजगार का रास्ता : जयवीर सिंह
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि शारदीय नवरात्रि आस्था, शक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का पर्व है। हमारा प्रयास है कि धार्मिक आयोजन सामाजिक बदलाव का माध्यम बनें और महिलाओं व बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान तथा आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करें। उन्होंने बताया इन कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय कलाकारों, विशेषकर महिला कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इससे पारंपरिक देवी गीतों और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ कलाकारों की आजीविका को भी सहारा मिलेगा।
