फैजुल्लागंज-काकोरी में स्वास्थ्य सर्वेक्षण, दवाएं और ORS वितरित
लखनऊ। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। रविवार को मुख्य चिकित्साधिकारी लखनऊ डॉ. एन.बी. सिंह ने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एन. यादव और अलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. हेमंत कुमार के साथ फैजुल्लागंज के दाउदनगर क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने वहां संचालित बाढ़ चिकित्सा कैंप का निरीक्षण कर मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।
इसके बाद मुख्य चिकित्साधिकारी ने सीएचसी काकोरी के अधीक्षक डॉ. के.डी. मिश्रा के साथ जेहटा और सैंथा क्षेत्र का भी भ्रमण किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता और लोगों की चिकित्सा जरूरतों का जायजा लिया। सीएमओ ने क्षेत्रीय आशा और एएनएम को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा जरूरतमंद लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

45 घरों में हुआ स्वास्थ्य सर्वेक्षण
मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फैजुल्लागंज की प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आसमा के नेतृत्व में आशा और एएनएम की टीम ने नंदपुरम क्षेत्र में घर-घर स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया। टीम ने 45 घरों का सर्वे कर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और मौसमी तथा वेक्टर जनित बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी जानकारी दी।
संत कबीरनगर क्षेत्र में मोबाइल मेडिकल वैन के माध्यम से 48 लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। वहीं मल्लाह टोला क्षेत्र में मोबाइल मेडिकल यूनिट ने 53 लोगों की जांच कर आवश्यक चिकित्सा सेवाएं प्रदान कीं।
दवाओं के साथ ORS और क्लोरीन की गोलियां बांटीं
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने आवश्यक दवाओं के साथ क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस पैकेट वितरित किए। लोगों को साफ पानी के इस्तेमाल, व्यक्तिगत स्वच्छता और मौसमी बीमारियों से बचाव के संबंध में स्वास्थ्य शिक्षा भी दी गई।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की टीम और 108 एंबुलेंस सेवा को प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे उपलब्ध रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।
मच्छरों की ब्रीडिंग रोकने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की है। पानी की टंकियों और अन्य बर्तनों को ढककर रखने, कूलर का पानी नियमित रूप से बदलने तथा पुराने टायर, कबाड़, नारियल के खोल, टूटे बर्तन और अनुपयोगी कंटेनरों में पानी जमा न होने देने की सलाह दी गई है। बर्ड बाथ और फूलदान का पानी भी हर सप्ताह बदलने को कहा गया है, ताकि मच्छरों के प्रजनन की संभावना कम हो सके।
मच्छरों से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करने, पूरी बांह के कपड़े पहनने और जरूरत के अनुसार मच्छररोधी क्रीम का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। बच्चों को विशेष रूप से मच्छरों के संपर्क से बचाने के लिए सावधानी बरतने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बुखार या अन्य लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक की सलाह से ही उपचार कराया जाए।

मौसमी बीमारियों से संबंधित जानकारी, सहयोग या सहायता के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय लखनऊ के कंट्रोल रूम नंबर 0522-2622080 पर संपर्क किया जा सकता है।
