पशुपालकों के लिए मोबाइल वेटनरी यूनिट और टीकाकरण अभियान संचालित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) में क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की वर्ष 2026-27 की नौवीं बैठक महानिदेशक डॉ. संजय सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें प्रदेश के किसानों को मौसम के वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बेहतर कृषि एवं फसल प्रबंधन हेतु महत्वपूर्ण सुझाव व परामर्श जारी किए गए हैं।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के अधिकांश कृषि जलवायु अंचलों में सप्ताह के आरंभिक चरण में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा तथा अंतिम चरण में छिटपुट वर्षा के दृष्टिगत औसत साप्ताहिक वर्षा सामान्य से अत्यधिक कम रहने की संभावना है। साथ ही पश्चिमी मैदानी, दक्षिणी-पश्चिमी अर्धशुष्क मैदानी और विन्ध्य क्षेत्र के कुछ भागों में औसत साप्ताहिक अधिकतम व न्यूनतम तापमान सामान्य से आंशिक रूप से अधिक तथा अन्य अंचलों में सामान्य के आस-पास रहेगा।
किसानों को फसल प्रबंधन और समय पर बुवाई की सलाह
परिषद द्वारा कृषकों को सलाह दी गई है कि वे अपने खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखें और फसलों में अनावश्यक यूरिया का प्रयोग बिल्कुल न करें, जिससे फसलों में रोग एवं कीटों के प्रकोप को रोका जा सके। अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए किसानों को केंद्र अथवा राज्य सरकार द्वारा स्थापित हाई-टेक नर्सरी की पौध का ही उपयोग करना चाहिए। धान की फसल में फाल्स स्मट (मिथ्या कण्डुआ) रोग से बचाव के लिए बाली निकलते समय प्रोपीकोनाजोल अथवा कार्बण्डाजिम के घोल का छिड़काव करने और गन्धी कीट की रोकथाम के लिए इमिडाक्लोप्रिड अथवा एजाडीरेक्टिन का छिड़काव करने का परामर्श दिया गया है।
मौसम की अनुकूलता एवं उचित नमी को देखते हुए कृषकों को सरसों/राई की उन्नतशील व शोधित किस्मों जैसे पूसा सरसों-32, पूसा सरसों-34, पूसा डबल जीरो, सुरेखा, गिरिराज, वरुणा तथा नरेंद्र सरसों आदि की बुवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही गन्ने की शीघ्र व मध्यम पकने वाली उच्च शर्करायुक्त प्रजातियों तथा आलू की अगेती किस्मों जैसे कुफरी बहार, कुफरी चंद्रमुखी, कुफरी ज्योति व कुफरी सूर्या आदि की समय से बुवाई सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। मत्स्य पालकों को अवगत कराया गया है कि कतला, रोहू, नैन और ग्रास कार्प जैसी प्रजातियों का मत्स्य बीज उत्तर प्रदेश मत्स्य विकास निगम की हैचरियों पर उपलब्ध है, जिसका संचय इस उपयुक्त समय में किया जा सकता है।
पशुओं के लिए मुफ्त टीकाकरण, हेल्पलाइन नंबर जारी
पशुपालन एवं स्वास्थ्य प्रबंधन के तहत प्रत्येक जनपद के राजकीय पशु चिकित्सालयों के माध्यम से खुरपका-मुंहपका बीमारी और गोवंशीय पशुओं में एलएसडी (लम्पी स्किन डिजीज) टीकाकरण अभियान निःशुल्क संचालित किया जा रहा है। कृषकों एवं पशुपालकों के द्वार पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु संचालित मोबाइल वेटनरी यूनिट के लिए टोल फ्री नंबर 1962 तथा पशु समस्या निवारण हेतु टोल फ्री नंबर 18001805141 जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार की प्राकृतिक अथवा आकस्मिक आपदा में सहायता हेतु राज्य स्तरीय आपदा कंट्रोल रूम नंबर 1070 और जनपद स्तरीय नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।
