गांवों में डिजिटल सुविधाओं के विस्तार, सौर ऊर्जा और स्वच्छता कार्यों को गति देने के निर्देश
लखनऊ। पंचायती राज विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, बजट से संबंधित कार्यों तथा ग्राम पंचायतों में विकासपरक गतिविधियों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को विधान भवन में बैठक आयोजित की गई। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में प्रमुख सचिव, पंचायती राज रविन्द्र, पंचायती राज निदेशक अमित सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों में संचालित विकास कार्यों का लाभ ग्रामीणों तक समय से पहुंचे और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
गांवों में स्वच्छता, सौर ऊर्जा और डिजिटल सुविधाओं पर जोर
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के अंतर्गत फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) की स्थापना के लिए प्राप्त धनराशि के उपयोग तथा आवश्यक कार्यवाही की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों के प्रभावी संचालन पर भी चर्चा हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने तथा स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना के अंतर्गत 2,500 से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में सोलर ऊर्जा आधारित हाईमास्ट एवं लाइट की व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक स्थानों को बेहतर रोशनी से जोड़ने और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने से संबंधित कार्यों को गति देने पर चर्चा हुई।

राज्य बजट, केंद्र बजट एवं अनुपूरक बजट से संबंधित योजनाओं के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में डिजिटल सुविधाओं के विस्तार को भी बैठक में प्राथमिकता दी गई। इसके तहत डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना, आधार सेवा केंद्रों की स्थापना तथा ग्राम पंचायत सचिवों को शासकीय कार्यों के सुचारु निष्पादन के लिए स्मार्ट मोबाइल उपलब्ध कराने से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
डिजिटल लाइब्रेरी के अंतर्गत पुस्तकों, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल अध्ययन सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी ली गई। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों और युवाओं को आधुनिक अध्ययन सुविधाओं से जोड़ना तथा ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाना है।
हैंडपंप सत्यापन और जल गुणवत्ता की होगी निगरानी
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंपों के सत्यापन, जल गुणवत्ता से संबंधित कार्यों तथा जियो-टैगिंग की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को इन कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ ही उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए गए।
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। इसलिए पंचायत स्तर पर संचालित प्रत्येक योजना का प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की नियमित समीक्षा करने, कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्यों को पूरा करने पर जोर दिया।
बैठक में अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं की वर्तमान प्रगति, उपलब्धियों और आगे की कार्ययोजना के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की गई। मंत्री ने विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार, स्वच्छता, सौर ऊर्जा और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देकर ग्राम पंचायतों को और अधिक सक्षम एवं सुविधासंपन्न बनाया जा रहा है।
